रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर शीतकालीन पैरालंपिक में प्रतिभाग करने पर पाबंदी

  1. नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन की जंग में रोजाना आक्रामक हो रहे रूस पर अब दुनिया भर से आर्थिक हमले होने लगे हैं। युद्ध रोकने का संयुक्त राष्ट्र संघ का आग्रह नहीं मानने पर फिच और मूडीज ने रूस को जंक स्थिति में डाल दिया है। यही नहीं अंतराष्ट्रीय पैरालंपिक ने रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर चीन में होने वाले शीतकालीन पैरालंपिक में प्रतिभाग करने पर पाबंदी लगा दी है।

 

फ्रांस से संग्रहालय से हटाई पुलिस की प्रतिमा

 

फिच और मूडीज ने रूस के संप्रभु ऋण को तथाकथित जंक स्थिति में डाल दिया है। दोनों एजेंसी ने रूस को उन देशों की श्रेणी में डाल दिया है जो अपने कर्ज को चुकाने में सक्षम नहीं होने के जोखिम में हैं। मूडीज ने रूसी दीर्घकालिक ऋण पर रेटिंग को बीएए थ्री से घटाकर बी थ्री कर दिया है। इसी तरह फिच ने अपनी रेटिंग को बीबीबी से घटाकर बी कर दिया है। इसके साथ गुरुवार को पेरिस संग्रहालय से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मोम की प्रतिमा को हटा दिया गया। संग्रहालय के अधिकारी का कहना है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने पेरिस में ग्रीविन संग्रहालय के निदेशक को मूर्ति को हटाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमने कभी ग्रीविन संग्रहालय में हिटलर जैसे तानाशाहों का प्रतिनिधित्व नहीं किया है और अब हम पुतिन का प्रतिनिधित्व नहीं करना चाहते हैं।

 

ब्रिटेन सरकार ने लगाए नए प्रतिबंध

 

चीन की राजधानी बीजिंग मे होने वाले पैरालंपिक 2022 में रूस और बेलारूस के खिलाड़ी भाग नहीं ले सकेंगे। यह प्रतिबंध लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि रूस और बेलारूस के खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगे। प्रतिबंध के बारे में आगे की जानकारी प्रतिक्षा है। इसी तरह ब्रिटेन ने यूक्रेन पर आक्रमण के बाद विमानन और अंतरिक्ष उद्योग में रूसी कंपनियों को ब्रिटिश बीमा और पुनबीर्मा सेवाओं तक पहुंचने से रोकने के लिए नए प्रतिबंधों की घोषणा की है।