जीवन संपदा को बचाने व पर्यावरण को ठीक रखने के बारे में जागरूक करता है पृथ्वी दिवस

संभल। मिशन इंटरनेशनल एकेडमी में पृथ्वी दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया जिसमें स्कूल के बच्चों को चार भागों में विभाजित किया गया और उनको बोर्ड पर डिजाइन करने के लिए कहा गया जिसमें सभी बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया पृथ्वी दिवस हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाता है जिस के उपलक्ष्य में मिशन स्पेशल एकेडमी के अंदर इसको धूमधाम के साथ मनाया गया स्कूल के छात्रो को न्यूटन, फ्लेमिंग, अरिस्टोटल, आईन्सटीन जैसे महान वेज्ञानिक के नाम से बोर्ड सजाये गए,

क्लास 5th, और 6th के बच्चो ने *पृथ्वी एक ज़िम्मेदारी अनेक* की थीम पर एक नाटक का मंचन किया, डिरेक्टर शबाना कोसर ने बच्चो की मेहनत की पर्शनसा की और कहा पुरे साल जो हाउस मेहनत करेगा उस्को वार्षिक उत्सव मे पुरस्कार दिया जायेगा जिसमे फ्लेमिंग हाउस को पर्थम, सेकंड एइंस्टिन, थर्ड न्यूटन, फोर्थ अरिस्टोटल को उचकोटि की कला का पर्दशित किया गया।

 

स्कूल मैनेजर मुशीर खान तरीन ने इस दिन का महत्व बताते हुए कहा की पृथ्वी दिवस का महत्व इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि, इस दिन हमें ग्लोबल वार्मिंग के बारे में पर्यावरणविदों के माध्यम से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का पता चलता है। पृथ्वी दिवस जीवन संपदा को बचाने व पर्यावरण को ठीक रखने के बारे में जागरूक करता है। जनसंख्या वृद्धि ने प्राकृतिक संसाधनों पर अनावश्यक बोझ डाला है, संसाधनों के सही इस्तेमाल के लिए पृथ्वी दिवस जैसे कार्यक्रमों का महत्व बढ़ गया है!

 

इसके बाद बोर्ड सजाने की प्रर्तियोगिता का रेसल्ट की घोषणा की। प्रिंसिपल शाने रब ने अपने सम्बोधन मे कहा कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण नागरिकता और साल भर उन्नति को बढ़ावा देने के लिए 1970 में पृथ्वी दिवस नेटवर्क की स्थापना पहले पृथ्वी दिवस के आयोजकों के द्वारा की गयी। पृथ्वी दिवस के नेटवर्क के माध्यम से, कार्यकर्ता, राष्ट्रीय, स्थानीय और वैश्विक नीतियों में परिवर्तनों को आपस में जोड़ सकते हैं। अन्तराष्ट्रीय नेटवर्क 174 देशों में 17,000 संस्थानों तक पहुँच गया है, जबकि घरेलू कार्यक्रमों में 5,000 समूह और 25,000 से अधिक शिक्षक शामिल हैं, जो साल भर कई मिलियन समुदायों के विकास और पर्यावरण सुरक्षा कार्यकर्ताओं की मदद करते हैं। ,गोलार्द्ध में शरद का मौसम है।जब बार से चुनगी आते थे संयुक्त राष्ट्र में पृथ्वी दिवस को प्रत्येक वर्ष मार्च विषुव (वर्ष का वह समय जब दिन और रात बराबर होते हैं) पर मनाया जाता है, यह अक्सर 20 मार्च होता है, यह एक परम्परा है जिसकी स्थापना शान्ति कार्यकर्ता जॉन मक्कोनेल के द्वारा की गयी। यह पृथ्वी का बड़ा ही मनाया जाने वाला दिवस है।

कार्यकर्म मे मुख्य रूप से परवीन ताज, दरकशा अब्बास, शबनूर, नीलोफ़र खान,मौलाना तंज़िम, निहाल अख्तर, आयशा, साबिहा, ज़िकरा,मीडिया प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर जुनैद इब्राहिम,आदि मौजूद रहे।