ईंट भट्टा निर्माताओं ने वर्ष 2022-23 के लिए ईंट का निर्माण बंद करने का फैसला लिया

मुरादाबाद । ईंट निर्माण पर जीएसटी दर में बढ़ोत्तरी और कोयले के दामों में अभूतपूर्व उछाल के चलते प्रदेश के ईंट भट्टा निर्माताओं ने वर्ष 2022-23 के लिए ईंट का निर्माण बंद करने का फैसला लिया है। ईंट भट्टा संचालकों की हड़ताल का असर भवन निर्माण के साथ गरीबों के रोजगार पर पड़ेगा। इस फैसले से ईंट के और महंगी होने की आशंका भी बन गई है जिससे प्रदेश का विकास भी प्रभावित होगा। फिलहाल ईंट भट्टा संचालकों ने जीएसटी की बढ़ोत्तरी वापस लेने और कोयला सरकारी रेटों पर उपलब्ध कराने की मांग सरकार के सामने रखी है।

विकास कार्यों पर पड़ेगा विपरीत प्रभाव

दिल्ली रोड स्थित बैंक्वेट हाल में डिस्ट्रिक भट्टा एसोसिएशन की बैठक में जिले में भी ईंट का उत्पादन नहीं करने का फैसला हुआ है। अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने बताया कि उप्र ईंट निर्माता समिति ने प्रदेश के सभी भट्टों में हड़ताल का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी भट्टा स्वामियों ने ईंट का निर्माण नहीं करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि कोयले के दामों में बेतहाशा वृद्धि के साथ सरकार ने जीएसटी की दर भी ेछह फीसदी तक बढ़ा दी है। इन स्थिति में ईंट का उत्पादन असंभव है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि ईंट निर्माताओं को सुविधा उपलब्ध कराए। इसके लिए कोयले को सरकारी दर पर उपलब्ध कराने व जीएसटी की वृद्धि वापस लेने की मांग की गई है। बैठक में संजीव चौधरी, नवीन जैन, अनिल अग्रवाल, प्रदीप गुप्ता, अली मुर्तजा, हाजी शमीम, हाजी वाजिद अंसारी, परवेज, आशीष, राजी कमरूद्दीन, अर्जुन सिरोही, हाजी अनवर आदि शामिल रहे।