शाही फरमान से कम और लोगों के अरमान से अधिक जुड़ा…

पर्यावरण के सम्बन्ध में वनों और पेड़ों का बहुत महत्त्व है लेकिन अब लगातार कटते जंगल एक समस्या बनकर सामने आ रहें हैं!वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि के कारण जंगल तीव्र गति से काटे जा रहे हैं लोगों के आवास योग्य मकानों के लिए ईंधन इमारती लकड़ी उद्योग धन्धों के उत्पादन के लिए वनों को काटा जा रहा है! यातायात के साधनों के विकास हेतु नयी सड़कों के निर्माण में वनों का विदोहन तीव्र गति से हो रहा है नये औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के लिए भी वन भाग काटे गये हैं! इन सभी कारणों से आज कटते जंगल पर्यावरण के लिए एक भारी समस्या बन गये हैं!वैसे तो कटते वनों की रोकथाम के प्रयास वर्तमान में कुछ सामाजिक संगठन पर्यावरण प्रदूषण निवारक संस्था तथा कुछ सरकारी विभाग वनों की सुरक्षा एवं वृक्षारोपण का अभियान चला रहे हैं पर्यावरण संरक्षण के लिये प्रत्येक व्यक्ति को समाज देश पृथ्वी और पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों को समझना पड़ेगा!यह मामला शाही फरमान से कम और लोगों के अरमान से अधिक जुड़ा है!मनुष्य का जीवन पेड़ों पर निर्भर है और पेड़ों का जीवन मनुष्य पर! इसलिये संरक्षण के प्रति नयी चिन्तनधारा को विकसित करने की जिम्मेदारी केवल मनुष्य के जिम्मे है केवल और केवल मनुष्य के जिम्मे है।