Wednesday, July 24, 2024
उत्तर प्रदेश

बाल विवाह की रोकथाम के प्रचार-प्रसार हेतु जिलाधिकारी ने 4 एलईडी वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

मुरादाबाद :  प्राचीन समय से व्याप्त बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समूल नष्ट करने के लिए नारी सशक्तिकरण अभियान के तहत जन जागरुकता लाने के लिए जिलाधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह ने मुशायरा ग्राउंड से 4 एलईडी वैनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। जनपद के 8 ब्लाकों में एलईडी वैनों द्वारा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह अर्थात् कम उम्र में लड़कियों की शादी करने से होने वाले नुकसान एवं समाज में ऐसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है। एक एलईडी वैन 2 ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार का कार्य कर बाल विवाह उन्मूलन के लिए जन जागरण का कार्य करेंगी।
उक्त जानकारी जिलाधिकारी ने एलईडी वैनों को रवाना करते हुए दी।

उन्होंने बताया कि समाज में महिलाओं को सम्मान और स्वावलंबी बनाने के लिए शासन द्वारा मिशन शक्ति 4.0 का शुभारम्भ शासन द्वारा किया गया है। हमारा प्रयास है कि जन साधारण को बालिकाओं के महत्व का आभास करायें कि सृष्टि संचालन के लिए बालिकाओं का होना अनिवार्य है। जनता को यह भी बताने का प्रयास किया जा रहा है कि बालिकाआंे की सुरक्षा के लिए लिंग की जांच न करायें और न दूसरों को जांच कराने के लिए प्रेरित करें। इसमें घर की महिलाओं को लड़कियों की अहमियत समझते हुए इस बुराई को रोकना होगा। उन्होंने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आज जरुरी है कि लड़कियों की शादी बालिग होने पर 18 वर्ष से अधिक आयु में ही करें, क्योंकि कम उम्र में शादी करने से प्रसव के समय कम उम्र में मां बनने से मृत्यु का कई बार कारण होता है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि 3 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर कई क्षेत्रों में शादी विवाह होने की परम्परायें हैं, और ऐसे बाल विवाह न हों इसके लिए जनता को जागरुक करना है। बाल विवाह समाज एवं नारी जाति के लिए एक अभिशाप है। हमें हर स्तर पर प्रयास करके शासन की अवधारणा एवं सोच के अनुरुप देश एवं समाज से बाल विवाह जैसी समाज विरोधी कुप्रथा को रोकने के लिए आगे आना समय की मांग है। इसीलिए जन जागरण की दृष्टि से जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह उन्मूलन हेतु एलईडी प्रदर्शनों के माध्यम से जनता को जागरुक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए शासन स्तर पर काफी प्रयास हो रहे हैं। जनपद में भी बाल विवाह की रोकथाम हेतु टास्कफोर्स बनायी गयी है, जो सूचना मिलने पर कम उम्र की शादी को रुकवाने के लिए उसके मा-बाप और नाते रिस्तेदारों से बात करके शासन स्तर से कार्यवाही करवाती है। हमारा प्रयास है कि जनपद में बाल विवाह जैसी बुराई जड़ से समाप्त हो। इसी के लिए एलईडी वैन के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, गोष्ठी, सेमिनार, निबंध, भाषण, आदि प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम विभिन्न स्तरों पर कराये जा रहे हैं।

मिशन शक्ति अभियान 4.0 की विस्तार से जानकारी एवं कार्ययोजना बताते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल ने इस अवसर पर बताया कि शादी के समय लडकी की उम्र 18 वर्ष से अधिक एवं लड़के की उम्र 21 साल से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जनपद में बालविवाह टास्कफोर्स अपना कार्य पूरी जिम्मेदारी से कर रही हैं और कहीें से भी सूचना मिलने पर टास्कफोर्स के सदस्य तत्काल वहां पहंुचकर अपना कार्य और दायित्व सही से निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में जागरुकता लाने के लिए 4 एलईडी वैनों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि हर घर तक बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए वातावरण सृजित हो। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही बाल श्रम राकेने एवं महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा और संरक्षण हेतु शासन स्तर पर महत्वपूर्ण कार्यक्रम हो रहे हैं।, जिनकों जनता तक पहंुचाने के लिए हम प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक सागर जैन, नगर मजिस्टेªट एम0पी0 सिंह, उप निदेशक सूचना सूचना जहांगीर अहमद, उप निदेशक प्रोबेशन आर0सी0 गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल के साथ अन्य अधिकारी एवं समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजदू रहें।