फ्री राशन लेने वाले 66 हजार अपात्र लोगों पर सरकार ने लगाया जुर्माना

आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने डीएम को बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 79.56 प्रतिशत आबादी का लक्ष्य पूरा है जबकि शहरी क्षेत्र में 64.44 प्रतिशत लक्ष्य के सापेक्ष 62 फीसदी राशन कार्ड बन चुके हैं। यह जानकारी मिलने के बाद डीएम ने जब जांच करायी तो पता चला कि अपात्र परिवारों को फ्री राशन मिल रहा है। इसके बाद उन्होंने अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त करने के निर्देश दिये हैं।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत व्यक्ति / परिवार पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय अन्न योजना में फ्री राशन दिया जा रहा है लेकिन कुछ मानक बनाये गये हैं, जिनके अंतर्गत आने वाले लोग या परिवार इस योजना के पात्र नहीं है। सभी अपात्र लोगों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करने के निर्देश दिये गये हैं।

यह भी कहा गया है कि जांच में अपात्र पाए जाने पर राशन कार्ड निरस्त करने के साथ-साथ वैधानिक कार्रवाई भी की जायेगी। परिवार जब से खाद्यान्न ले रहा है, तब से खाद्यान्न का आंकलन करते हुए नियमानुसार वसूली की जायेगी। इसके लिए संबंधित कार्ड धारक / परिवार स्वयं उत्तरदायी होगा।

कौन है अपात्र

यदि परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता है। परिवार को किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर अथवा हार्वेस्टर अथवा एयर कंडिशनर अथवा 05 केवीए या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर है।

ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे परिवार, जिसके किसी भी सदस्य के पास अकेले या सदस्यों के स्वामित्व में 05 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि है।

नगरीय क्षेत्र के ऐसे परिवार, जिसके किसी भी सदस्य के पास अकेले या सदस्यों के स्वामित्व में 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट या उस पर स्वनिर्मित मकान अथवा 100 मीटर से अधिक कारपेट एरिया का आवासीय फ्लैट है।
परिवार, जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्य के साथ 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक कारपेट एरिया का व्यवसायिक स्थान है।
ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे परिवार, जिसके समस्त सदस्यों की आय दो लाख रूपये वार्षिक से अधिक है।
नगरीय क्षेत्र में ऐसे परिवार जिसके समस्त सदस्यों की आय तीन लाख रूपया वार्षिक से अधिक है।
ऐसे परिवार जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाइसेंस है।

ये मिलता है फ्री राशन में

अंत्योदय योजना में प्रति कार्ड 15 किलो चावल, 20 किलो गेहूं हर महीने दिया जाता है। एक किलो चीनी हर तीसरे माह दी जाती है. पात्र गृहस्थी योजना में प्रति व्यक्ति तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाता है। प्रदेश सरकार जून तक एक लीटर तेल, एक किलो नमक, एक किलो चना भी दे रही है।